स्वास्थ्य की दृष्टि से चिकन पकाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है/what is the healthiest way to cook chicken

चिकन प्रोटीन और आयरन और पोटेशियम जैसे आवश्यक खनिजों का एक महत्वपूर्ण और पौष्टिक स्रोत है।

हालांकि, कई खाना पकाने के तरीके, जो लोग इसे पकाने के लिए उपयोग करते हैं, वे अच्छे होने से ज्यादा ,नुकसान पहुंचा सकते हैं।

नुकसानदायक तरीके

सबसे पहले यह जानते है की मुर्गे का मांस यानी चिकन पकाने का हानिकारक या कम स्वास्थ्यप्रद तरीके कौन से हैं

1. डीप फ्राइंग
2.ग्रिल करना
3. भूनना(roasting)

4. स्मोकिंग(धुएं से पकाना)

5. बार्बेक्यू(barbecuing)

6.खुली आग पर पकाना
7. चैरिंग(charring)

चिकन का मांस पकाने के ये तरीके एचसीए, पीएएच और एजीई जैसे कार्सिनोजेन्स पैदा कर सकते हैं।यानी कैंसर(कर्क रोग ) पैदा करते हैं।

अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि ये रसायन हृदय रोग और टाइप 2 मधुमेह का जोखिम भी बढ़ाते हैं।

सौभाग्य से, आप मांस में HAAs, PAHs और AGEs के बनने और संचय को कम करने के लिए सुरक्षित खाना पकाने के तरीकों को चुनकर और जोखिम वाले खाना पकाने के तरीकों को बदल करके इन रसायनों के प्रभाव को कम कर सकते हैं।

स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए किस तरह पकाना चाहिए?

1.बेकिंग

2.स्टीमिंग

3.प्रेशर कुकिंग

4.माइक्रोवेविंग।

5. Sous vide

1. स्टीमिंग

chicken meat on white ceramic plate
Photo by Olya Kobruseva on Pexels.com

बोनलेस चिकन को पकाने के लिए स्टीमिंग एक आदर्श तरीका है। यह भाप के उपयोग के माध्यम से स्वाद, कोमलता और नमी को बनाये रखता है। यह खाना पकाने का एक स्वस्थ तरीका है क्योंकि इसमें अतिरिक्त वसा का उपयोग नहीं किया जाता है।

प्याज, गाजर, अजवाइन और ताजा अदरक आदि भाप वाले पानी में डालकर चिकन में स्वाद बढ़ा सकते हैं।

2. बेकिंग

चिकन को पकाने का सबसे स्वस्थ तरीका यह है कि इसे ओवन में बेक किया जाए या सब्जियों के साथ स्टर फ्राई किया जाए। एक बेकिंग पैन में चिकन के टुकड़ों को रखें, उन पर थोड़ा सा जैतून का तेल रगड़ें, और उनके चारों ओर लहसुन, नींबू, गाजर, या जो कुछ भी आपको पसंद हो, से घेर लें। 350° पर ब्राउन होने तक बेक करें।

3. प्रेशर कुकिंग

ये चित

प्रेशर कुकिंग चिकन को थोड़े समय के लिए उच्च तापमान पर गर्म करती है। खाना पकाने की यह विधि विटामिन को बरकरार रखती है, कोलेस्ट्रॉल ऑक्सीकरण को कम करती है, और न्यूनतम या कोई एचएए, पीएएच, या एजीई जैसे कैंसर कारक पैदा नहीं करती है।

4. माइक्रोवेविंग माइक्रोवेव में पकानेका एक फायदा यह है कि खाना उतना गर्म नहीं होता जितना खाना पकाने के अन्य तरीकों, जैसे कि तलना(frying) के साथ होता है।

आमतौर पर, तापमान 212°F (100°C) – पानी के क्वथनांक से अधिक नहीं होता है।

इसका एक नुकसान यह है की माइक्रोवेव
में असमान रूप से पकता है, मतलब कहीं कच्चा कहीं अधिक पका हुआ, और

कच्चा मांस खाने से बीमारी हो सकती है

इसलिए सुनिश्चित करें कि चिकन के सभी भाग अच्छी तरह से पके हुए हैं। एक मांस थर्मामीटर इसमें मदद कर सकता है।

चिकन ब्रेस्ट बोन, चिकन जांघ और ड्रमस्टिककी तुलना में बहुत तेजी से पकते हैं।

Sous vide–निर्वात में निश्चित तापमान में पानी के अंदर देर तक गर्म करना

Sous vide, जिसका अर्थ फ्रेंच में “अंडर वैक्यूम” होता है, एक बैग में वैक्यूम-सीलिंग भोजन को रखा जाता है, फिर इसे पानी के अंदर में बहुत सटीक तापमान पर देर तक पकाया जाता है

पकाने का तरीका इसके लिए एक precision कूकर की जरूरत होती है, जिससे समय और तापमान सेट किया जा सके।

अपने भोजन को एक सीलबंद बैग में रखें और इसे बर्तन के किनारे पर क्लिप कर दें।

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Vivekswarnkar द्वारा प्रकाशित

Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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