हड्डी और जोड समस्या

स्टेम सेल उपचार क्या है और कैसे पहचानें कि हमारे कमर दर्द के उपचार के लिए स्टेम सेल थेरेपी उपयुक्त है/what is stem cell treatment and how to identify that stem cell therapy is suitable for your back pain

कमर के निचले हिस्से में दर्द के कारणों के कई स्रोत हैं जैसे मांसपेशियां ,लिगामेंट,डिस्क, फैसेट ज्वाइंट्स, वर्टेब्रा(रीढ़ की हड्डी),नर्व (तंत्रिका)। स्टेम सेल उपचार के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति वह है जिसको दर्द पूर्णतया डिस्क की वजह से हो रहा हो, और उसमें परंपरागत non-surgical उपचार असफल हो गया हो। यहां यह भी जान लेना अत्यंत जरूरी है की कोई एक प्रकार का इलाज कमर दर्द के मरीज के लिए सर्वथा उपयुक्त नहीं हो सकता क्योंकि एक ही प्रकार का रोग होने पर भी यह मरीज की अलग-अलग परिस्थितियों जैसे उम्र ,अन्य रोग, रोग की स्थिति, उम्र ,लिंग आदि पर निर्भर करता है इसलिए एक ही प्रकार के रोग के लिए अलग-अलग मरीजों में इलाज अलग अलग हो सकता है।

हालांकि हाल के वर्षों में विश्व में इलाज के तरीको में झुकाव non-surgical तरीकों और सर्जरी में भी non -invasive ,एंडोस्कोपिक,और less invasive तरीकों की तरफ हुआ है।

स्टेम सेल उपचार भी इसी कड़ी में least invasive तरीका है।

स्टेम सेल इंजेक्शन उपचार क्या है?

इसमें मरीज की ही कूल्हे की हड्डी से इंजेक्शन के द्वारा बोन मैरो(अस्थि मज्जा) निकाल कर (जिसमें स्टेम सेल होती हैं )को सीधे रीढ़ की डिस्क में इंजेक्ट किया जाता है।यह ओपीडी प्रक्रिया है। इसमें ना तो मरीज को भर्ती करना पड़ता है और ना ही बेहोश करना पड़ता है। उसी दिन मरीज घर जा सकता है।

स्टेम सेल थेरेपी की प्रक्रिया:

1.रोगी के कूल्हे या शरीर के अन्य हिस्सों से अस्थि मज्जा को एस्पिरेटेड या निकाला जाता है।

2.अस्थि मज्जा को सेंट्रीफ्यूज किया जाता है, जो स्टेम कोशिकाओं को मज्जा में अन्य घटकों से अलग करता है।

3.फिर इस अंतिम उत्पाद को अल्ट्रासाउंड इमेजिंग का उपयोग करके सीधे प्रभावित डिस्क में इंजेक्ट किया जाता है।

इस प्रक्रिया को ओपीडी या माइनर ओटी में ही जागते हुए किया जा सकता है, और प्रक्रिया के बाद का दर्द आमतौर पर प्रक्रिया के एक सप्ताह बाद तक सीमित होता है। दूसरे शब्दों में, रोगी क्षतिग्रस्त डिस्क के लिए यह प्रक्रिया करवा सकते हैं और कम से कम एक सप्ताह में काम पर वापस आ सकते हैं।

स्टेम सेल उपचार के लिए आदर्श मरीज का मानदंड

  • मरीज का दर्द फेसट ज्वाइंट की वजह से नहीं होना चाहिए
  • कोई भी स्पाइन इंस्टेबिलिटी नहीं होनी चाहिए
  • पैरों में तेज शूटिंग दर्द या रेडिक्यूलोपैथी नहीं होनी चाहिए
  • कमर दर्द डिस्क की वजह से होना चाहिए डिस्क का एक्सट्रूजन या सीक्वेस्ट्रेशन नहीं होना चाहिए और माइल्ड या मॉडरेट डिस्क डिजनरेशन होना चाहिए(डिस्क की हाइट का नुकसान 50% से कम हो)

स्टेम सेल थेरेपी का उद्देश्य डिस्क की वजह से होने वाले दर्द को कम करना है। स्टेम सेल इंजेक्शन से यह परिणाम डिस्क में सूजन कम करके ,डिस्क को हील या रिपेयर करके और डिस्क का हाइड्रेशन बढ़ाकर होती है।

डिस्क ही कमर दर्द पैदा कर रही है इसके लिए क्या परीक्षण करते हैं?

अगर लंबर फेसट ज्वाइंट में इंजेक्शन लगाने पर या मीडियल ब्रांच ब्लॉक करने पर तुरंत दर्द में आराम मिलता है तो यह दर्द फेसेट जॉइंट की वजह से है डिस्क की वजह से नहीं। और अगर मरीज का दर्द बना रहता है तो अधिक संभावना है कि यह दर्द डिस्क की वजह से हो।

डिस्कोग्राम करके भी डिस्क से होने वाले दर्द का पता लगाया जाता है।

परंपरागत स्पाइन सर्जरी के क्या विकल्प है और इनके क्या फायदे नुकसान है?

स्पाइनल फ्यूजन सर्जरी:कई वर्षों से स्पाइनल फ्यूजन एक विकल्प है, इसमें स्पाइन के एक भाग को स्क्रु प्लेट और बोन ग्राफ्ट की मदद से जाम या फ्यूज कर दिया जाता है जिससे उस सेगमेंट विशेष की गति बंद हो जाती है। इसे ओपन और मिनिमली इनवेसिव दोनों तकनीको से किया जाता है। हालांकि फ्यूजन सर्जरी में बहुत सारे जोखिम होते हैं और रिकवरी पीरियड भी काफी लंबा होता है। सामान्यतः इसमें एक-दो दिन का अस्पताल में रुकना और लगभग 1 साल तक पूरी रिकवरी में लगता है। मिनिमली इनवेसिव स्पाइन फ्यूजन में भी कम से कम 6 हफ्ते काम छोड़ना पड़ता है। और अगर आपका घर शारीरिक मेहनत का है तो कम से कम 3 महीने कार्य से बाहर रहने की संभावना होती है।

स्पाइनल फ्यूजन के बाद भविष्य में सर्जरी की संभावना

स्पाइनल फ्यूजन सर्जरी के साथ दूसरा मुद्दा यह है की डिस्क के एक सेगमेंट की गति खत्म हो जाने के बाद उसके ऊपर और नीचे के सेगमेंट पर तनाव बढ़ जाता है। और इस तरह आसपास के डिस्क लेवल पर सर्जरी की संभावना 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष रहती है। लगभग 50% से ज्यादा लोग पहले के लेवल पर सर्जरी के बाद 20 साल में उसके आसपास दूसरे लेवल पर सर्जरी जरूर कराते हैं।

इस कारण से कृतिम डिस्क विस्थापन(Artificial disc replacement ADR) विकसित किया गया है। आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट गंभीर डिस्क डिजनरेटिव रोगियों के लिए स्पाइनल फ्यूजन का बेहतर विकल्प है।

आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट(ADR)

ADR में दर्द वाली डिस्क को हटाकर धातु और प्लास्टिक से बने डिस्क के इंप्लांट को लगाया जाता है(कूल्हे और घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की तरह)

आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट सर्जरी की एक कमी यह है यह रीढ़ के पीछे के जोड़ फेसेट जॉइंट से उत्पन्न दर्द को प्रभावित नहीं करती। और इसके लिए पेट की तरफ से जाकर रीड की हड्डी की सर्जरी करानी पड़ती है जिसमें प्रमुख खून की धमनियों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। और इसमें भी अस्पताल में रुकना पड़ता है और रिकवरी में 6 हफ्ते से लेकर 1 साल तक का समय लगता है।

महंगी सर्जरी और कार्य का नुकसान

फ्यूजन सर्जरी और आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट दोनों में ही ऑपरेशन के बाद फिजिकल थेरेपी(शारीरिक चिकित्सा) की आवश्यकता पड़ती है। स्पाइनल इंप्लांट और अस्पताल में रुकने की वजह से दोनों में ही महंगी सर्जरी हो जाती है। इसके अलावा 6 हफ्ते से लेकर कुछ महीनों तक कार्य का नुकसान भी होता है। इन सारे पहलुओं को देखते हुए स्टेम सेल थेरेपी उचित मरीजों के लिए एक अच्छा विकल्प है।

स्टेम सेल थेरेपी के फायदे

कम इनवेसिव प्रक्रिया: यह लोकल एनसथीसिया में किया जाने वाला ओपीडी प्रोसीजर है,लगभग 2घंटे में हो जाता है और बाद में दर्द की दवा नही लेनी पड़ती है।

स्टेम सेल के रिजेक्शन का जोखिम नहीं: क्योंकि यह मरीज के अपने बोन मैरो की कोशिकाएं होती हैं इसलिए इसमें रिजेक्शन का कोई जोखिम नहीं है।

प्राकृतिक डिस्क को पुनर्जीवित करना:स्टेम सेल के द्वारा प्राकृतिक खराब हुई डिस्क ही पुनर्जीवित की जाती है बाहर से आर्टिफिशियल डिस्क या इंप्लांट नहीं लगाया जाता है।

काम का कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं: ओपीडी प्रक्रिया और जल्दी रिकवरी होने की वजह से आपके कार्यक्षेत्र का नुकसान न्यूनतम होता है।

आज स्टेम सेल उपचार तेजी से डिस्क डिजनरेशन जैसे कमर दर्द के रोगों के लिए वैकल्पिक उपचार बन रही है। परंतु इसके लिए सही अभ्यर्थी का चयन करना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए मैं आप को प्रोत्साहित करना चाहता हूं कि फ्यूजन सर्जरी या आर्टिफिशियल डिस्क रिप्लेसमेंट सर्जरी की प्रक्रिया से गुजरने से पहले अपने डॉक्टर से उनकी उपचार योजना को समझने के लिए प्रश्न अवश्य करें।

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Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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