हड्डी और जोड समस्या

लॉन्ग ड्राइव पर कमर दर्द से कैसे बचें/how to tackle back pain while driving

हम अपना अधिकांश समय मुड़ी हुई लचीली मुद्रा में बिताते हैं, मुड़े हुए सोते हैं, बैठ कर खाते हैं,डेस्क पर बैठ कर काम करते है, टेलीविजन बैठ कर देखते है-इन पोजीशंस में जो हमारे कमर पर तनाव पड़ता है, वह गाड़ी चलाने पर होने वाले तनाव से अलग होता है। गाड़ी चलाने पर एक अलग तरह का गतिशील तनाव हमारी कमर पर पड़ता है।

आप चाहे आप ड्राइवर हों या यात्री,आपको कमर में असहज महसूस हो सकता है, और अगर आपको कमर दर्द की समस्या पहले से है तो उसकी स्थिति और भी खराब हो सकती है। दूसरे शब्दों में- राजमार्ग आपसे अपना टोल ले सकता है एक से अधिक तरीकों से।

यहां पर कुछ  टिप्स बताए जा रहे हैं कि कैसे आप गाड़ी चलाते समय कमर दर्द से बच सकते हैं या कमर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

1. अपनी कार की सीट और हेड रेस्ट एडजस्ट करें

गाड़ी चलाते समय सबसे पहला कदम जो आप कमर दर्द को दूर करने के लिए उठा सकते हैं वह है सीट का एडजस्टमेंट

  1. सीट को इस तरह रखें कि आप स्टेरिंग व्हील तक आसानी से पहुंच जाएं स्टेरिंग व्हील न तो बहुत ही पास, ना बहुत ही दूर हो, अगर स्टीयरिंग व्हील आप की आसान पहुंच के अंदर है तो यह गर्दन, कमर, कंधे, कलाई के तनाव को काफी कम रखता है। अन्यथा सर सामने निकला हुआ और कंधे गोल हो सकते हैं।
  2. आपका सिर हेड रेस्ट से सटा हुआ और लगा होना चाहिए। सर और गर्दन न्यूट्रल पोजीशन में होना चाहिए।
  3. आपके पैर पेडल तक आसानी से पहुंचना चाहिए और यह ध्यान रखें कि आपके घुटने का स्तर(level) कूल्हे के स्तर से ऊपर होगा, यानी घुटने इतने मुड़े हुए हो कि वह कूल्हे के लेवल से ऊपर हो।
  4. सीट का एंगल(कोण) इस तरह रखें ताकि आपकी पीठ 100 -110 के कोण पर हो।जिससे आप ठीक से बैठ सकें। आपका कंधा कूल्हे के स्तर से पीछे हो।
  5. लमबर सपोर्ट दें

    अगर आपके गाड़ी की सीट में पर्याप्त लमबर सपोर्ट नहीं है तो कमर कमर के पीछे सपोर्ट लगाएं या फिर तौलिया मोड़ कर रखें। बने बनाए लमबर सपोर्ट या मैकेंजी सपोर्ट भी बाजार में उपलब्ध है उसको पीछे रखकर देख लें जिसमें आपकी कमर बिल्कुल सीधी रहे वो इस्तेमाल करें।

  6. स्टीयरिंग व्हील को इस तरह से पकड़ें।

    पहले स्टीयरिंग को 10 ओ क्लॉक और 2 ओ क्लॉक पर पकड़ने के लिए सुझाया जाता था पर जब से गाड़ियों में एयर बैग का प्रावधान हो गया है अब स्टेरिंग को 9 ओ क्लॉक और 3 ओ क्लॉक पर पकड़ना चाहिए जिससे कंट्रोल अच्छा रहता है और कोहनी मुड़े होने की वजह से कंधे और गर्दन पर तनाव भी कम पड़ता है, और कोहनी को आर्म्र रेस्ट का सहारा भी दे सकते हैं।

  7. गर्म सीट वाले ऑप्शन का प्रयोग करें।

    अगर आपकी गाड़ी में गर्म सीट का ऑप्शन नहीं है तो बाहर से भी गरम सीट कवर लेकर कमर के पीछे रख सकते हैं। गर्मी से संकुचित मांसपेशियों और जोड़ खुलते हैं जिससे दर्द में कमी आती है गर्मी से रक्त परिसंचरण परिसंचरण और ऑक्सीजन मांसपेशी और हड्डियों में बढ़ता है और दर्द में आराम मिलता है।

  8. Cruise control का उपयोग करें

    अगर आपकी कार में क्रूज कंट्रोल है तो उसका उपयोग करें जिससे आपको कुछ समय के लिए अपने दोनों पैर जमीन पर टिकाने का अवसर मिलेगा इससे कमर पर भार कम करने में आसानी होगी।

  9. बीच बीच में ब्रेक ले और पोजीशन भी चेंज करें

    अगर आप लंबी यात्रा पर है तो हर 1 घंटे या 2 घंटे में गाड़ी से उतर कर चले और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कर लें। खास करके हिप फ्लैक्सर और हैमस्ट्रिंग स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज। इन व्यायाम को सीखने के लिए आप मेरा यूट्यूब चैनल देख सकते हैं। गाड़ी चलाते समय भी हर 10 मिनट पर सीट पर अपनी पोजीशन बदलते रहे इससे पीठ और कूल्हे की मांसपेशियों में संकुचन कम करने में मदद मिलती है और गाड़ी चलाते वक्त भी आप हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।

  10. शीशे का एडजस्टमेंट करें

    शीशे को इस तरह एडजेस्ट करें ताकि आपको ड्राइविंग करते समय शरीर मुड़ना या घुमाना न पड़े।सिर्फ आंखें घुमाने से शीशे में दिखाई पड़ जाए।

  11. गाड़ी में बैठने का और निकलने का तरीका सही करें

    दोनों पैर बाहर और पीठ सीट की तरफ करके अंदर बैठे, निकलते समय दोनों पैर बाहर और गेट का सपोर्ट लेकर निकलें। बैठते और निकलते समय शरीर को न मोड़ें। सही तरीके से बैठने का वीडियो देखने के लिए मेरा यूट्यूब चैनल देखें।

  12. डॉक्टर की सलाह लें

    अगर ड्राइविंग से लौटने के कुछ दिनों के बाद भी कमर दर्द न जाए तो डाक्टर से अवश्य सलाह लेना चाहिए। अगर आपको बैक पेन या सायटिका की समस्या है,तो लंबी दूरी की यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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