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डायबिटीज में इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने के9 प्राकृतिक तरीके /9 tips to increase insulin sensitivity naturally in diabetes

कम इंसुलिन संवेदनशीलता(sensitivity) के कारण उच्च रक्त शर्करा(high blood sugar) हो जाता है और प्रीडायबिटीज , और टाइप 2 मधुमेह(diabetes) पैदा कर सकता है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

किन्हें कम इंसुलिन सेंसिटिविटी हो सकती है

  • अधिक वजन वाले या मोटे हैं(obese)
  • शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं(sedentary lifestyle)
  • टाइप 2 मधुमेह का पारिवारिक इतिहास रहा हो
  • अधिक उम्र के हैं
  • प्रीडियाबेटिक या टाइप 2 डायबिटीज है

इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने के प्राकृतिक तरीके

सौभाग्य से, जीवनशैली में बदलाव आपको प्राकृतिक तरीके से इंसुलिन संवेदनशीलता(sensitivity) बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

1. अच्छी नींद लें

नींद की कमी हानिकारक हो सकती है और संक्रमण, हृदय रोग और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को बढ़ा सकती है।

एक अध्ययन में पाया गया है कि एक रात में सिर्फ 4 घंटे की नींद लेने से 8 1/2 घंटे की नींद की तुलना में इंसुलिन संवेदनशीलता और रक्त शर्करा(blood sugar) को नियंत्रित करने की क्षमता कम हो जाती है।

नींद की कमी आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है और इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ा सकती है।

2 .नियमित व्यायाम करें

नियमित व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है।

यह भंडारण के लिए मांसपेशियों में शुगर को स्थानांतरित करने में मदद करता है और इंसुलिन संवेदनशीलता में तत्काल वृद्धि कर देता है, यह संवेदनशीलता व्यायाम के आधार पर 2-48 घंटे तक रहती है।

हालांकि, एरोबिक(aerobic)और प्रतिरोध प्रशिक्षण(resistance training) दोनों तरह के व्यायाम इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं, दोनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना सबसे प्रभावी होता है।

3 .सही भोजन का चुनाव करें

सही भोजन का मतलब कम कार्बोहाइड्रेट खाना नहीं है, लेकिन इसका मतलब सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट से है।

  • इन्हे खाएं
  • साबूत अनाज–ओटमील, पॉपकॉर्न, ब्राउन राइस, होल व्हीट प्रोडक्ट्स और व्हीट ब्रान सहित साबुत अनाज।
  • फाइबर– जो पूरे अनाज, सब्जियां, नट और बीज, फल, और फलियां (बीन्स, मटर और मसूर) जैसे पौधों के उत्पादों में है।
  • स्वस्थ वसा– जिसमें जैतून का तेल, और मूंगफली से मोनोअनसैचुरेटेड फैट, और फैटी मछली और अलसी से ओमेगा -3 वसा शामिल हैं।
  • सब्जियां– विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां।
  • कम या ना खाएं
  • ट्रांस फैट–जो तले हुए खाद्य पदार्थों में होते हैं, साथ ही प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे कुछ स्नैक, पाई और केक, डोनट्स और क्रैकर्स, डालडा।
  • ऐडेड शुगर–शीतल मीठा पेय, मिठाई, चीनी,मीठा अनाज और दही, और अन्य प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (processed food)जैसे कुछ बेक्ड बीन्स और पास्ता सॉस, और डिब्बाबंद सूप जैसे खाद्य पदार्थ

सैचुरेटेड वसा– मांस और मक्खन जैसे खाद्य पदार्थों से मिलने वाली संतृप्त वसा।

4. ऐडेड शुगर की मात्रा कम करें

ऐडेड शुगर और प्राकृतिक शुगर अलग-अलग होते हैं।

प्राकृतिक शुगर पौधों और सब्जियों जैसे स्रोतों में पाई जाती है, जो दोनों ही कई अन्य पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।

इसके विपरीत,एडेड शुगर अधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, आपको एक दिन में जितनी एडेड चीनी का सेवन करना चाहिए, वह पुरुषों के लिए 36 ग्राम (9 चम्मच) और महिलाओं के लिए 24 ग्राम (6 चम्मच) है।

5 .वजन कम करें

बीएमआई इंडेक्स का इस्तेमाल करें यह जानने के लिए क्या आप मोटापे से ग्रस्त तो नहीं है।

अगर आपका बीएमआई इंडेक्स 25 से कम है, तो ठीक है,अगर 25-30 के बीच हैं तो ओवरवेट हैं,अगर 30 से ज्यादा है तो obese(मोटापा) है।

बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में))

उदाहरण
70 / (1.70 X 1.70) = 24.22

6. तनाव न लें

अत्यधिक तनाव में रहने से आपके हार्मोन बदल जाते हैं और इंसुलिन प्रतिरोध(insulin resistance) बढ़ जाता है। तनाव को कम करना सीखना आपके मेटाबोलिज्म को सामान्य करने में मदद कर सकता है। ध्यान, व्यायाम और गहरी साँस लेना तनाव को कम करने के कुछ उपाय हैं।

7. मैग्नीशियम, विटामिन डी और एंटीऑक्सीडेंट लें

मैग्नीशियम और विटामिन डी ,इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता में सुधार करते हैं।

200 से 400 मिलीग्राम प्रतिदिन मैग्नीशियम की खुराक है।

विटामिन डी को इंसुलिन रिसेप्टर फ़ंक्शन में सुधार करने, आइलेट सेल की मृत्यु को रोकने के साथ-साथ बीटा सेल फ़ंक्शन में सुधार करने में सहायता के लिए जाना जाता है।

एंटीऑक्सिडेंट ग्लूकोज होमियोस्टेसिस में सुधार करके मधुमेह से बचाते हैं।

8.मेथी,हल्दी,लहसुन,अदरक का सेवन करें

मेथी, हल्दी, अदरक और लहसुन सहित जड़ी-बूटियों और मसालों ने इंसुलिन संवेदनशीलता(sensitivity) बढ़ाने में अच्छे परिणाम दिखाए हैं।

9. दालचीनी, ग्रीन टी, सेब के सिरके का इस्तेमाल करें

ग्रीन टी आपकी सेहत के लिए एक बेहतरीन पेय है।

यह टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों या इसके जोखिम वाले लोगों के लिए भी एक बढ़िया विकल्प है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि ग्रीन टी पीने से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ सकती है और ब्लड शुगर कम हो सकती है।

दालचीनी मांसपेशियों की कोशिकाओं पर ग्लूकोज के लिए रिसेप्टर्स की मदद करके इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है।

सेब का सिरका इंसुलिन की सेंसिटिविटी में सुधार करके और पेट से भोजन के पाचन में देरी करके इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में मदद कर सकता है ताकि इंसुलिन को कार्य करने के लिए अधिक समय मिल सके।

ब्लॉग पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद कृपया लाइक करें और सुझाव भी दे

Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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