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गलत पोजीशन में सोने से गर्दन के दर्द से राहत पाने के 7 तरीके

वैसे तो गर्दन के दर्द के बहुत सारे risk factors हैं जैसे काम करते समय आपकी मुद्रा(posture) और गर्दन की पोजिशन।पर एक जोखिम या रिस्क फैक्टर जिसका जिक्र बहुत कम होता है,

कि सोते समय हम किस मुद्रा में सोते हैं।

आपकी रीढ़ स्वाभाविक रूप से तीन जगहों पर झुकती है। यह आपकी गर्दन और पीठ के निचले हिस्से पर आगे की ओर झुकता है। यह आपके पीठ के ऊपरी हिस्से में दूसरी तरफ झुकती है। इन प्राकृतिक झुकाव को सर्वोत्तम रूप से बनाए रखने के लिए अपना बिस्तर सेट करने से आपको गर्दन या पीठ दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।

जर्नल ऑफ फिजिकल थेरेपी एंड साइंस द्वारा किए गए शोध के अनुसार तीन अलग अलग पोजीशन में सोने पर गर्दन की मांसपेशियों पर अलग अलग प्रभाव पड़ता है।

ये सोने की 3मुद्राएं निम्नलिखित हैं

1.पीठ के बल और दोनो हाथ बगल में करके लेटना(BHS position)

2.पीठ के बल और दोनो हाथ सीने पर रख कर लेटना(BHC position)

3. पीठ के बल और प्रमुख हाथ सर(माथे) पर रख कर लेटना(DHF position)

यह पाया गया है, कि सोते समय मांसपेशियों की सबसे कम सक्रियता BHC position ( पीठ के बल और दोनो हाथ बगल में करके लेटना) में होती है,और इसलिए पीठ के बल लेटी जाने वाली इन तीनों मुद्राओं में यह सबसे सही मुद्रा है और अगर आप पीठ के बल लेटते है तो इस मुद्रा में लेटना चाहिए ।

1.पीठ के बल और दोनो हाथ बगल में करके लेटना(BHS postion)

इस मुद्रा का अभ्यास करें

यह मुद्रा शवासन की तरह है, जब आप पीठ के बल लेटते हैं तो दोनों पैरों के बीच में थोड़ी दूरी हो और दोनों हाथ बगल में आराम की स्थिति में पड़े हो। सर गर्दन की सीध में हो बिना इधर-उधर गिरे हुए इस पोजीशन में गर्दन की मांसपेशियों की सक्रियता उपरोक्त तीनों में सबसे कम होती है इसलिए यह पोजीशन पीठ के बल लेटने वाली सभी स्थितियों में सर्वोत्तम है।

2.पीठ के बल और दोनो हाथ सीने पर रख कर लेटना(BHC position)

हो सके तो इस स्थिति में ना लेटे

वैसे ये मुद्रा DHF position से बेहतर है, पर ट्रेपीजियस मांसपेशी के ऊपरी भाग में थोड़ी बहुत सक्रियता रहती है जिसकी वजह से गर्दन में दर्द व सुन्नपन हो सकता है। अगर हो सके तो यह मुद्रा टाल देना चाहिए।

3.पीठ के बल और प्रमुख हाथ सर(माथे) पर रख कर लेटना(DHF position)

इस मुद्रा में बिलकुल नहीं सोना चाहिए

यदि आप उन व्यक्तियों में से एक है जो अपना एक हाथ माथे पर रख कर सोते हैं, तो आप अपने गर्दन के दर्द को बढ़ावा दे रहे हैं। जब आप इस मुद्रा में सोते हैं तो एक तरफ की ट्रेपीजियस और स्केलीन मांसपेशियां सक्रिय हो जाते हैं, यह असंतुलित सक्रियता गर्दन में ऐंठन पैदा करती है जिसकी वजह से गर्दन में पैदा होता है।

इसके अलावा कुछ और उपाय निम्नलिखित है

4. करवट लेकर सोना

अगर आप करवट लेकर सोने में सहज है, तो यह मुद्रा आपकी गर्दन के लिए सबसे ज्यादा सही है। सिर्फ ध्यान रखने वाली बात ये है इतना ऊंचा तकिया लगाए आपकी गर्दन तटस्थ(न्यूट्रल )स्थिति में रहे। इसे आप चेक कर सकते हैं ऐसे कि आपके दोनों कान लंबवत समानांतर रहें , यानि उपरी कान कंधे की तरफ ना झुका हो।

अपनी ठोड़ी को सामने रखें सीने की तरफ ना झुकाएं। अपनी निचली रीढ़ को समानांतर रखने के लिए दोनों घुटने के बीच में तकिया लगा सकते हैं।

5. पेट के बल न सोए

पेट के बल सोने से आपका सर कुछ घंटों तक मुड़ा रह सकता है जिससे गर्दन में दर्द होने की संभावना होती है।

6. सही तकिया इस्तेमाल करें

अगर आप पीठ के बल सोते हैं या करवट लेकर सोते हैं दोनों परिस्थितियों में अलग अलग तरह का तकिया इस्तेमाल करना चाहिए।

अगर पीठ के बल सोते हैं

पीठ के बल सोने पर अपनी गर्दन के प्राकृतिक मोड़(lordotic curve) को सपोर्ट करने के लिए गोलाकार तकिया का इस्तेमाल करना चाहिए और सर के नीचे चपटा तकिया रखना चाहिए। वैकल्पिक तौर पर तोलिया को मोड़ कर भी गर्दन के नीचे रख सकते हैं या फिर विशिष्ट बने बनाए तकिए का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जिसमें नेक सपोर्ट होता है और सर के सपोर्ट के लिए एक गड्ढा बना होता है।

बहुत ऊंचा या कड़ा तकिया इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे गर्दन आगे की ओर फ्लेक्स रहती है और सुबह दर्द कर सकती है।

या तो फेदर फोम तकिए का इस्तेमाल करें जो काफी मुलायम होता है और सर और गर्दन का आकार ले लेता है पर इसको साल भर बाद बदलना जरूरी होता है इसके अतिरिक्त मेमोरी फोम तकिए का इस्तेमाल भी कर सकते हैं यह ज्यादा दिनों तक चलता है।

अगर करवट लेकर सोते हैं

करवट लेकर सोने वालों के लिए गर्दन के नीचे ऊंचा मुलायम तकिया और सर के नीचे पतला तकिया लगाना चाहिए इस तरह से ताकि गर्दन और सर दोनों एक स्तर पर रहें।

अगर आप हवाई जहाज रेलगाड़ी या बस यात्रा कर रहे हैं तो घोड़े की नाल के आकार के तकिए का इस्तेमाल करना चाहिए जो आपके सर और गर्दन दोनों को सहारा देता है।

7. उचित दवाएं लें और गर्दन का व्यायाम करें।

NSAID और मसल रिलाक्सनट और कुछ स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग व्यायाम है जो करना चाहिए। इसके लिए स्पेशलिस्ट से सलाह लें। व्यायाम के लिए मेरा यू ट्यूब चैनल हमारी हेल्थ देखें।

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Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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