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उम्र बढ़ने के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन कैसे जिएं/how to live best while aging

खूबसूरती से बुढ़ापा जीने का मतलब 20 की तरह दिखने की कोशिश करना बिल्कुल नहीं है- यह आपके सर्वोत्तम जीवन जीने और इसका आनंद लेने के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के बारे में है। शराब की बोतल की तरह, आप सही देखभाल के साथ उम्र के साथ बेहतर हो सकते हैं।

आप अपनी उम्र को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं,लेकिन आप स्मार्ट विकल्पों के साथ उम्र बढ़ने की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं।

आपके द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ, आपकी दोस्ती और सेवानिवृत्ति के लक्ष्य,आप कैसे व्यायाम करते हैं-यह सब आपके शरीर की उम्र को तेज या धीमा करता है।

यह आपके दृष्टिकोण पर निर्भर करता है कि, आप क्या दिखते हैं या आप कौन सी गतिविधियां कर सकते हैं या नहीं कर सकते हैं। इसलिए दृष्टिकोण (attitude) को नियंत्रित रखना सबसे पहला और महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

उम्र बढ़ने के साथ जीवन जीने के कुछ टिप्स

1.अपने आहार पर ध्यान दें

  • उम्र बढ़ने के साथ स्वस्थ और सक्रिय रहने के लिए अधिक विटामिन और खनिजों, फाइबर की आवश्यकता होती है
  • कम मात्रा में कैलोरी की आवश्यकता होती है, क्योंकि उनकी दुबली मांसपेशियां और शारीरिक गतिविधि उम्र बढ़ने के साथ कम हो जाती है।
  • उम्र से संबंधित डिजेनरेटिव रोगों को रोकने के लिए अधिक कैल्शियम, आयरन, जिंक, विटामिन ए और एंटीऑक्सिडेंट की आवश्यकता होती है।
  • अपनी शारीरिक गतिविधि के अनुसार भोजन के सेवन का मिलान करें।
  • एक दिन में कई विभाजित भागों में भोजन करें।
  • तली हुई, नमकीन और मसालेदार चीजों से परहेज करें।
  • निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन करें
  • तेल का दैनिक सेवन 20 ग्राम से ज्यादा नहीं होना चाहिए। घी, मक्खन, वनस्पति और नारियल के तेल के प्रयोग से बचना चाहिए।
  • अनाज और दालों के अतिरिक्त रोजाना कम से कम 200-300 मिलीलीटर दूध और दूध उत्पाद और 400 ग्राम सब्जियों और फलों की आवश्यकता होती है।

आहार अच्छी तरह से पकाया जाना चाहिए, आहार नरम और कम नमकीन और कम मसालेदार होना चाहिए। कम मात्रा में भोजन का सेवन कई अन्तराल पर करना चाहिए और निर्जलीकरण, और कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी का सेवन करना चाहिए।

2.नियमित व्यायाम करना चाहिए

नियमित व्यायाम आपके हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के जोखिम को काफी कम करता है, और आपको लंबे समय तक गतिशील बनाए रखने में आपकी मदद करता है। व्यायाम तनाव को भी कम करता है और नींद, त्वचा और हड्डियों के स्वास्थ्य और मनोदशा में सुधार करता है।

तनाव कम करने के तकनीकों को अपनाएं जैसे योग और ध्यान

व्यायाम कौन से और कब करना है ये चिकित्सक के परामर्श से तय किया जाना चाहिए।

कम से कम हर 6 महीने में 40 साल की उम्र के बाद ब्लड शुगर, लिपिड और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराएं।

अगर आपको पहले से कोई बीमारी नही है,तो स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग की गाइडलाइन है कि वयस्क निम्न कार्य करें:



मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम- प्रति सप्ताह 2.5 से 5 घंटे करें
मध्यम तीव्रता या अधिक,मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियाँ, जिसमें सभी प्रमुख मांसपेशी समूह शामिल हों -प्रति सप्ताह दो दिन या अधिक दिन

एरोबिक व्यायाम में शामिल हैं:

घूमना
तैराकी
नृत्य
सायक्लिंग


वृद्ध वयस्कों(55 साल से ज्यादा) को उन गतिविधियों पर भी ध्यान देना चाहिए जिनमें एरोबिक और मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायामों के अलावा संतुलन प्रशिक्षण (balance training) शामिल है।

सक्रिय रहने के कुछ और विकल्प भी हैं जैसे सैर और लंबी पैदल यात्रा पर जाना, छुट्टियां लेना और समूह व्यायाम क्लासेस में भाग लेना।

3. मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दे

जब बच्चे बड़े हो जाते हैं और आप अपनी नौकरी से सेवानिवृत्त हो जाते हैं, तो आप खुद को व्यस्त रखने के लिए थोड़ा संघर्ष करता हुआ पा सकते हैं, और आप उदास महसूस कर सकते हैं।

पर उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक रूप से स्वस्थ, सामाजिक रूप से सक्रिय और मानसिक रूप से व्यस्त रहना ही मानसिक स्वास्थ्य को सही रखने का सीक्रेट है।

यहां मेंटल फिटनेस को बनाए रखने के कुछ तरीके बताए जा रहे हैं:

अ. अपनी याददाश्त का उपयोग करने का अभ्यास करें
उदाहरण के लिए, किराने की वस्तुओं की एक सूची बनाएं, और इसे याद रखने की पूरी कोशिश करें – फिर एक घंटे बाद खुद को परखें कि आपको कितनी चीजें याद हैं।

अपने दिमाग में गणित का जोड घटाव की प्रैक्टिस करें ।आप हाल ही में कहीं गए हो तो उसका नक्शा बनाएं, या किसी लोकप्रिय गीत के बोल याद करने की कोशिश करें।

ब. ‘सोच’ वाले खेल खेलें

जैसे क्रॉसवर्ड पहेली, सुडोकू, स्क्रैबल या कोई अन्य गेम जो आपको अच्छा लगता है, ऐसे गेम या पहेली में संलग्न होने का प्रयास करें जो आपको सोचने पर मजबूर करें।

स. कुछ नया सीखें

चाहे खाना बनाना हो, पेंटिंग करना हो, टेनिस हो, एक संगीत वाद्ययंत्र या गीत गाना जिसे आप हमेशा से सीखना चाहते थे – एक नया शौक विकसित करना आपके दिमाग को सक्रिय रखने का एक शानदार तरीका है।

द. सामाजिक संपर्क बनाए रखें

प्रियजनों को एक साथ समय बिताने के लिए आमंत्रित करें या यदि वे दूर हैं तो उन्हें कॉल करें। पता करें कि आपके समुदाय या धार्मिक समूह में कौन सी गतिविधियां हो रही हैं।संभव हो तो उसमे भाग लें।

इन कनेक्शनों को बनाए रखना आपकी मनस्थिति को ऊंचा रखने और आपके दिमाग को व्यस्त रखने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।

ह. तनाव को नियंत्रित रखें

हालांकि चिंताओं, आशंकाओं या जिम्मेदारियों को छोड़ना हमेशा आसान नहीं होता है, लेकिन हर दिन आराम करने और तनाव कम करने के लिए समय निकालना महत्वपूर्ण है।

ध्यान(meditation), व्यायाम, या स्पा उपचार करना आपको सहज महसूस कराएगा, तनाव कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाने से आपको अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

4. पर्याप्त नींद ले और धूम्रपान ,शराब का सेवन ना करें

धूम्रपान और शराब दोनों को समय से पहले बूढ़ा होने और बीमारी के खतरे को बढ़ाते हैं।धूम्रपान छोड़ना आसान नहीं है, लेकिन ऐसे संसाधन हैं जो इसे छोड़ने में मदद कर सकते हैं। कैसे छोड़ें इस बारे में डॉक्टर से बात करें।

अच्छी नींद आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। यह त्वचा के स्वास्थ्य में भी भूमिका निभाता है।आपको कितनी नींद की जरूरत है यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है। 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को हर रात सात से आठ घंटे सोना चाहिए।

5.नियमित रूप से डॉक्टर को दिखाएं


डॉक्टर को नियमित रूप से दिखाने से डॉक्टर को समस्याओं को जल्दी या शुरू होने से पहले ही ढूंढने में मदद मिल सकती है। आप कितनी बार डॉक्टर को दिखाते हैं यह आपकी उम्र, जीवनशैली, पारिवारिक इतिहास और मौजूदा समय में कोई रोग है या नहीं जैसी परस्थितियों पर निर्भर करता है।

अपने डॉक्टर से पूछें कि आपकी उम्र के अनुसार आपको कितनी बार चेकअप और स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए जाना चाहिए।

अंतिम वाक्य-खूबसूरती से उम्रदराज होना स्वस्थ और खुश रहने में निहित है,ना कि झुर्रियों को दूर रखने की चेष्टा में।एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखें, अपने आप को उन लोगों से घेरें जिन्हें आप प्यार करते हैं, और ऐसे काम करें जिनसे आपको खुशी मिले।उम्र बढ़ने की चुनौतियों के बारे में चिंता करना स्वाभाविक है, इसलिए अपनी चिंताओं के बारे में किसी से बात करने में संकोच न करें।

ब्लॉग आपको कैसा लगा लाइक करें और कमेंट भी दें।धन्यवाद।

Dr. Vivek Swarnkar, an Orthopedic Surgeon with more than 15 years of experience.

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